रोग एवं उपचार
एक्जीमा एवं चर्म रोग
चर्म रोग सिर्फ़ चमड़ी की बीमारी नहीं होती। ऊपर से मलहम लगाकर खुजली दब जाती है, पर कुछ दिनों बाद फिर लौट आती है — क्योंकि जड़ भीतर होती है। इसीलिए हमारा इलाज दो हिस्सों में चलता है: भीतर से खून साफ़ करने वाली दवा, और बाहर से लगाने के लिए लेप या तेल। इसमें धैर्य सबसे ज़्यादा चाहिए, क्योंकि चमड़ी धीरे ठीक होती है।
आम लक्षण
- लगातार खुजली, रात में ज़्यादा
- चमड़ी का लाल होना, मोटा पड़ जाना या फटना
- गोल दाग जो फैलते जाएँ (दाद)
- पानी या मवाद निकलना
- खुजाने से घाव बन जाना
- बार-बार ठीक होकर लौट आना
हमारा तरीक़ा
- भीतर से खून साफ़ करने वाली जड़ी-बूटियाँ
- बाहर लगाने के लिए लेप, तेल या उबटन
- खान-पान में क्या रोकना है — खटाई, मछली आदि
- साबुन, कपड़े और नहाने के पानी से जुड़ी सलाह
- दोबारा न लौटे इसके लिए दवा धीरे-धीरे कम करना
कितना समय लगता है
चर्म रोग में समय लगता है — दो से चार महीने आम बात है। पुराने और फैले हुए एक्जीमा में और ज़्यादा। खुजली कम होते ही दवा बंद कर देना सबसे बड़ी ग़लती है।
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