माँ पार्वतीआयुर्वेदिक

रोग एवं उपचार

पथरी — किडनी एवं पित्ताशय

पथरी की तकलीफ़ अचानक आती है — कमर या पेट के एक तरफ़ ऐसा दर्द कि खड़ा होना मुश्किल हो जाए। ज़्यादातर लोग यहाँ तब आते हैं जब उन्हें ऑपरेशन की सलाह मिल चुकी होती है। छोटी और मध्यम आकार की पथरी में आयुर्वेदिक दवा से पथरी नरम पड़ती है और पेशाब के रास्ते निकल जाती है। हम पहले आपकी रिपोर्ट देखते हैं — पथरी का आकार और जगह जाने बिना कोई दवा शुरू नहीं करते।

आम लक्षण

  • कमर या पेट के एक तरफ़ तेज़, आता-जाता दर्द
  • पेशाब में जलन या रुक-रुक कर आना
  • पेशाब का रंग गहरा होना या उसमें खून आना
  • उल्टी या जी मिचलाना दर्द के साथ
  • बार-बार पेशाब लगना पर कम आना

हमारा तरीक़ा

  • पहले रिपोर्ट देखकर पथरी का आकार और जगह समझना
  • पथरी गलाने वाली जड़ी-बूटियों का काढ़ा और चूर्ण
  • मूत्रमार्ग खोलने और दर्द कम करने वाली दवा
  • पानी, खान-पान और परहेज़ की साफ़ सलाह
  • दोबारा पथरी न बने, इसके लिए लंबी सलाह

कितना समय लगता है

आमतौर पर एक से तीन महीने। छोटी पथरी कुछ हफ़्तों में निकल जाती है, बड़ी में ज़्यादा समय लगता है। हर 15–20 दिन पर हाल पूछा जाता है और ज़रूरत हो तो दवा बदली जाती है।

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