माँ पार्वतीआयुर्वेदिक

रोग एवं उपचार

बवासीर

बवासीर की तकलीफ़ लोग सालों छिपाते हैं। शर्म की वजह से बात नहीं करते और बीमारी बढ़ती जाती है। यहाँ आपको बिना झिझक बात करने की जगह मिलेगी। खूनी बवासीर हो या बादी — दोनों में जड़ी-बूटियों से सूजन कम करने, कब्ज़ ठीक करने और घाव भरने का इलाज किया जाता है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि पेट साफ़ रहे, वरना दवा का असर टिकता नहीं।

आम लक्षण

  • शौच के समय या बाद में खून आना
  • गुदा के पास दर्द, जलन या खुजली
  • बैठने में तकलीफ़
  • मस्से का बाहर आना
  • पुरानी कब्ज़ और शौच में ज़ोर लगाना

हमारा तरीक़ा

  • सूजन और जलन घटाने वाली जड़ी-बूटियाँ
  • कब्ज़ दूर करने के लिए पेट साफ़ रखने वाली दवा
  • लगाने के लिए तेल या मलहम
  • खान-पान में क्या छोड़ना है, इसकी साफ़ सूची
  • मस्से सूखने तक नियमित निगरानी

कितना समय लगता है

आमतौर पर एक से दो महीने में अच्छा आराम मिलता है। पुरानी बवासीर में तीन महीने तक लग सकते हैं। खान-पान की सलाह न मानी जाए तो तकलीफ़ लौट आती है।

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